कंगना रनौत को CRPF की वाई प्लस सुरक्षा देने से क्या-क्या हासिल होगा, संघ-भाजपा को

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मुम्बई:- कंगना रनौत को CRPF की वाई प्लस सुरक्षा देने से क्या-क्या हासिल होगा, संघ-भाजपा को

इस सुरक्षा को प्राप्त करने के बाद कंगना रनौत देश के मोस्ट वीआईपी 305 लोगों में शामिल हो गई हैं। सबको अच्छी तरह पता है कि यह सुरक्षा का यह स्तर देने के पीछे सुरक्षा की चिंता कम कंगना रनौत को संघ-भाजपा की टीम का हिस्सा बनाने की खुली घोषणा ज्यादा है।

आज की तारीख में कंगना रनौत की क्या-क्या विशेषताएं, जो संघ-भाजपा के बहुत काम की हैं। इससे कोई इंकार नहीं कर सकता कि संघ-भाजपा के विचारों के माकूल बयानों से पहले भी कंगना रनौत एक अभिनेत्री और बोल्ड महिला के रूप में देश में अपनी पहचान बना चुकी थीं।

अब उस पहचान में बहुत कुछ उन्होंने ऐसा जोड़ दिया है, जो संघ-भाजपा के बहुत काम का है, उसे भुनाने के लिए उन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई है।
कंगना रनौत की निम्न विशेषाएं हैं, जो संघ-भाजपा के तात्कालिक और दूरगामी हितों के लिए बहुत काम ही हैं-

1- कंगना रनौत खुलेआम मुसलमानों के प्रति अपनी घृणा प्रकट करती है। यह घृणा तब और पुरजोर होती है, जब पाकिस्तान और कश्मीरियों के प्रति भी घृणा प्रकट की जाए, जो कंगना करती रहती हैं। इतने से भी बात नहीं बनती है,

मुसलमानों के प्रति घृणा प्रकट करने और खुद को हिंदूवादी राष्ट्रवादी साबित करके के लिए उन लोगों के प्रति भी घृणा प्रकट करना जरूरी होता है, जो किसी भी तरह से मुसलमानों के पक्ष में खड़े हों या खड़े दिखते हों। यह काम कंगना करती रहती हैं। वे हर भाजपा विरोधी पर हमला करती हैं,चाहे वह शिवसेना ही क्यों ने हो।

2- अच्छा हिंदूवादी होने और संघ-भाजपा के काम का होने के लिए जरूरी है कि आप जातिवादी भी हों और उसकी खुली घोषणा करें। कंगना रनौत खुलेआम अपने राजपूत होने पर गर्व प्रकट करती रहती हैं।

3- आरक्षण विरोध इस देश के अपरकॉस्ट का सबसे केंद्रीय मुद्दा। कंगना रनौत खुलेआम आरक्षण का विरोध करती हैं, इस तरह वे राजपूतों की नायिका होने के साथ आरक्षण विरोधी अपरकॉस्ट की भी नायिका बन जाती हैं।

4- कंगना रनौत फिल्मी दुनियां में लगातार मुस्लिम हीरो और प्रगतिशील हीरो-हिरोइन की देशभक्ति पर सवाल उठाती रहती हैं, इस तरह वे अनुपम खेर,परेश रावल, हेमा मालिनी और लुक-छिप के अमिताभ बच्चनआदि जैसे लोगों के साथ मिलकर फिल्मी दुनिया में धुर दक्षिण पंथ के लिए झंडा उठाए हुए हैं।

हम सभी जानते हैं कि फिल्मी दुनिया के लोग कितना आम जन पर असर रखते हैं।जो काम अमिताभ बच्चन ने संघ-भाजपा के लिए लुके-छिपे तरीके से पिछले वर्षों में किया, कंगना रनौत उसे खुलेआम कर रही हैं।

5- कंगना रनौत और मृत्य सुशांत सिंह राजपूत बिहार में राजपूतों, अपरकॉस्ट हिंदुओं और हिंदू राष्ट्रवादियों- जो भारी संख्या में पिछड़ी जातियों और एक हद दलितों में भी हैं- का वोट साधने में मददगार होंगी।

6- कंगना रनौत हिमाचल में पहले से राजनीति में प्रभावी राजपूतों को संघ-भाजपा के साथ और मजबूती से खड़े होने में मददगार हो सकती हैं और हिमाचल में अगले विधान सभा चुनाव में तुरूप का पत्ता साबित हो सकती हैं। याद रहे हिमाचल के लोग आमतौर पर हर पांच साल में सरकार बदलते रहते हैं, इस हिसाब से अगली बारी कांग्रेस की है, इसे रोकने में कंगना मददगार हो सकती हैं।

7- कंगना रनौत सवर्ण महिलाओं, पिछड़े वर्गों की महिलाओं की एक बड़ी संख्या और दलितों समाज की भी कुछ महिलाओं को संघ-भाजपा के साथ जोड़ने में मददगार हो सकती हैं।

इस तरह कंगना रनौत एक साथ मुसलमान विरोध, पाकिस्तान विरोध, कश्मीरियों से घृणा, क्षत्रिय राजपूत, अपरकॉस्ट आरक्षण विरोधी और बहुसंख्यक अपरकॉस्ट हिंदू राष्ट्रवादी, पिछड़ों के बड़े हिस्से के हिंदू राष्ट्रवादी और दलितों के भी एक हिस्से के हिंदू राष्ट्रवादी विचारों की प्रतिनिधि के तौर पर अच्छी कॉकटेल के रूप में कारगर हथियार हैं और मीडिया के लिए तो मसाला उपलब्ध कराती ही हैं।

संघ-भाजपा ने बहुत सोच-समझकर उनके ऊपर दांव लगाया है और यदि संघ-भाजपा के हितों की बात की जाए, तो मेरे हिसाब से उन्होंने बेहतरीन दांव लगाया है।

इसके साथ ही संघ-भाजपा ने यह संदेश फिर एक बार मजबूती से दिया है कि यदि आप किसी तरह से भी ताकतवर हैं, प्रसिद्धि में, पद में, पैसे में,जातीय समीकरण में, धार्मिक समीकरण में या अन्य तरीके से और आप खुलकर भाजपा के साथ खड़े होते हैं, तो वह आपको पुरस्कृत जरूर करेंगे।

वे आपको अपना सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार भी दे सकते हैं, जैसे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का पद भी। बशर्ते और आप उनके विचारों और एजेंडों के साथ पूरी तरह खड़े हों और उसे साबित भी करें।

कंगना ने सबकुछ करके दिखाया है और उसका उचित ईनाम भी पाया है और भविष्य में बहुत सारे ईनाम मिलेंगे भी और उसके बदले में वे संघ-भाजपा के लिए भी बहुत सारे रूपों में मददगार होंगी।

नोट- वाई प्लस सुरक्षा देश की तीसरे लेबल की हाई सुरक्षा है. सिक्योरिटी में 11 पुलिस पर्सनल ( सीआरपीएफ के जवान) रहते हैं. 1 से 2 कमांडो रहते हैं. और दो पर्सनल सिक्योरिटी अफसर भी रहते हैं।

पिछले वर्ष की आरटीआई की सूचना के अनुसार देश में 153 लोग हैं, जिन्हें वाई प्लस सुरक्षा मिली हुई है।
चार श्रेणी – जेड प्लस, जेड, वाई प्लस, वाई और एक्स।
देश में कुल 304 लोग हैं, जिन्हें ये विशेष सुरक्षा प्राप्त हैं।
कंगना की सुरक्षा का हर महीनों का लाखों का खर्च भारतीय करदाता चुकाएंगे।

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