चूरू 4 पंस. में कांग्रेस और 3 में भाजपा:सरदारशहर में विधायक की पत्नी, राजगढ़ में विधायक की सास व देवरानी हारीं, सुजानगढ़ में पहली बार कमल खिला

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मतगणना के दौरान सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां

चूरू टाइम्स न्यूज,चूरू। जिला परिषद में भाजपा को मिला बहुमत व पंचायत समितियों में कांग्रेस आगे, जिला परिषद में भाजपा का लगातार दूसरी बार दबदबा

चूरू, सरदारशहर, रतनगढ़ व तारानगर में कांग्रेस और सुजानगढ़, राजगढ़ व बीदासर पंचायत समिति में भाजपा को बहुमत मिला

जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के चुनावों की मंगलवार को मतगणना हुई। जिला परिषद चुनाव में भाजपा ने लगातार दूसरी बार जिले में अपना दबदबा कायम रखा है। इस बार 27 में से भाजपा को 20 वार्डों में सफलता हासिल की, जबकि कांग्रेस को सात वार्डों पर संतोष करना पड़ा। पिछली बार जिला परिषद में भाजपा के 21, कांग्रेस के 05 एवं 01 निर्दलीय जीते थे। हालांकि पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है।

इधर, पंचायत समिति चुनावों में पिछली बार की तरह 7 में से भााजपा काे तीन पंचायत समितियाें में ही बहुमत मिला है, जबकि कांग्रेस ने 4 में बहुमत हासिल किया है। इस बार पंचायत समिति चुनावों में उलटफेर के साथ चौंकाने वाले रिजल्ट सामने आए हैं। सरदारशहर में कांग्रेस विधायक पं. भंवरलाल शर्मा की पत्नी मनोहरीदेवी ब्लाॅक 22 से 25 मतों से चुनाव हार गई। वहीं सरदारशहर के निवर्तमान प्रधान सत्यनारायण सहारण भी पंचायत समिति सदस्य का चुनाव हार गए। राजगढ़ में कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया की देवरानी राजबाला ब्लाॅक 18 में 4 मतों से एवं सास निहालदेवी ब्लाॅक 26 में 2 मतों से चुनाव हार गई।

तारानगर के पूर्व विधायक जयनारायण पूनिया की पुत्रवधु सुनीता ब्लाॅक 6 से चुनाव हार गई। दूसरी ओर राजगढ़ पंचायत के ब्लाॅक 22 से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की भाभी ओमपती 1121 से चुनाव जीत गई। जिले में लगातार सात बार विधायक बने उप नेता प्रतिपक्ष एवं चूरू विधायक राजेंद्र राठौड़ अपने विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को बहुमत नहीं दिला पाए।

चूरू में 19 में 13 ब्लाॅक में जीत का दावा करने वाले भाजपा के केवल 9 सदस्य ही चुनाव जीत पाए। सुजानगढ़ पंचायत समिति में पहली बार कमल खिला है। 7 पंचायत समितियों में से कांग्रेस को रतनगढ़, चूरू, तारानगर एवं सरदारशहर में बहुमत मिला है, जबकि भाजपा को बीदासर, सुजानगढ़ व राजगढ़ में बहुमत मिला है। भाजपा को चूरू व सरदारशहर, जबकि कांग्रेस को सुजानगढ़, बीदासर पंचायत समिति में नुकसान उठाना पड़ा। पिछली बार यहां क्रमश : भाजपा और कांग्रेस के प्रधान बने थे। -पंस. सदस्य की सूची पेज 15 व जिप सदस्य की सूची
भास्कर विश्लेषण

तारानगर कांग्रेस विधायक बुडानिया का दबदबा बरकरार, राजगढ़ में कृष्णा को झटका, सुजानगढ़ में कमल के खिलने से पूर्व विधायक भी चमके, उप नेता प्रतिपक्ष राठौड़ व रतनगढ़ विधायक महर्षि नहीं बना पाए पंचायत समिति में भाजपा का बोर्ड

सुजानगढ़, चूरू और सरदारशहर पंचायत चुनाव नतीजों के उलटफेर ने चौंकाया, राजगढ़ में धमाकेदार जीत से सांसद कस्वां का कद बढ़ा

जिला परिषद चुनाव से ज्यादा पंचायत समिति के उलटफेर आए नतीजों ने हर किसी चौंका दिया। सर्वाधिक चौंकाने वाली स्थिति सुजानगढ़ विधानसभा में देखने को मिली। कैबिनेट मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के दिवंगत होने के बाद सुजानगढ़ और बीदासर पंचायत समिति में कमल खिल गया।

दोनों ही जगह पहली बार भाजपा को बहुमत मिला है। ऐसे में सुजानगढ़ के पूर्व विधायक खेमाराम मेघवाल का कद बढ़ना स्वाभाविक है। दूसरी चौंकाने वाली स्थिति राजगढ़ पंचायत समिति में देखने को मिली। यहां कांग्रेस की विधायक होने के बावजूद पंचायत समिति एवं जिला परिषद में भाजपा का दबदबा रहा और इसके पीछे सांसद राहुल कस्वां एवं उनके पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां की सक्रियता ही मानी जा रही है।

राजगढ़ पंचायत समिति में भाजपा के सभी छह जिला परिषद सदस्य चुनाव जीत गए। कांग्रेस को पंचायत समिति चुनाव में भी मुंह की खानी पड़ी। राजगढ़ में 33 में से 16 ब्लाक में भाजपा, 10 में कांग्रेस, 05 निर्दलीय एवं 02 बसपा के प्रत्याशी जीते है। यहां प्रधान बनाने के लिए भाजपा को एक एवं कांग्रेस को 7 प्रत्याशियों के समर्थन की जरूरत है। माना जा रहा है कि यहां भाजपा प्रधान बनाने में कामयाब हो जाएगी।

जानिए जिले की सातों पंचायत समितियों में जीत के कारण

सुजानगढ़ व बीदासर
दोनों पंचायत समिति सुजानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में है। सुजानगढ़ में भाजपा को 25 में से 13 एवं कांग्रेस 10 सीट मिली है। यहां दो निर्दलीय जीते है। बीदासर में 23 में से 12 भाजपा एवं 11 कांग्रेस में प्रत्याशी जीते है। जिला परिषद के 5 में से 4 में भाजपा जीती है।
जीत के कारण : मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का बीमारी के बाद निधन एवं बीदासर की निवर्तमान प्रधान संतोष का भाजपा में शामिल होना माना जा रहा है।
रतनगढ़
यहां 19 ब्लाक में से कांग्रेस को 10 और भाजपा को 8 सीटें मिली है। एक निर्दलीय जीता है। यहां कांग्रेस का प्रधान बनना तय है। जिला परिषद में 3 में से दो भाजपा जीती है।
जीत का कारण : कांग्रेस नेता पूसाराम गोदारा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष भंवरलाल पुजारी एवं पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा के एकजुट होकर प्रचार में शामिल होना। यहां चूरू के पूर्व विधायक मकबूल मंडेलिया भी सक्रिय रहे। रतनगढ़ विधायक अभिनेष महर्षि को जिला परिषद में मिली जीत पर संतोष करना पड़ेगा।
चूरू
चूरू पंचायत समिति के 19 ब्लाॅक में भाजपा को 09 में जीत मिली, जबकि कांग्रेस को 10 ब्लाक में फतह हासिल हुई।
जीत का कारण : कांग्रेस नेता रफीक मंडेलिया के साथ सभापति सहित कांग्रेस नेता एकजुटता के साथ प्रचार में जुटे। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ को झटका लगा है। उनके लिए राहत की बात ये है कि तीन जिला परिषद सदस्य चुनाव जीत गए।
तारानगर
19 ब्लाक वाली इस पंचायत समिति में कांग्रेस को 12 सीटें मिली है। यहां दो स्थानों पर निर्दलीय जीते हैं, जबकि भाजपा को 5 सीट मिली है। कांग्रेस ने जिला परिषद के तीन में से दो जगह प्रत्याशी जीते है।
जीत का कारण : कांग्रेस विधायक नरेंद्र बुडानिया की विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रियता मानी जा रही है।
राजगढ़
सबसे बड़ी पंचायत समिति में भाजपा को 33 में से 16 सर्वाधिक सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस को 10 मिली है। यहां बसपा के 2 व 5 निर्दलीय जीते हैं। जिला परिषद के सभी 6 सदस्य भाजपा के जीत गए।
जीत का कारण : सांसद व पूर्व सांसद की सक्रियता ही मानी जा रही है। कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया का सियासी टकराव भी एक कारण है।
सरदारशहर
25 में से 13 पर कांग्रेस के ब्लाॅक मेंबर जीत गए। भाजपा को यहां 11 में जीत हासिल हुई। एक निर्दलीय जीता है। जिला परिषद के पांच वार्डों में 02 में कांग्रेस और 3 में भाजपा जीती है।
जीत का कारण : सरदारशहर पंचायत समिति में कांग्रेस की जीत के पीछे विधायक भंवरलाल शर्मा का प्रभाव माना जा रहा है। यहां पूर्व विधायक अशोक पींचा से ज्यादा विधायक पंडित शर्मा की सक्रियता मानी जा रही है। हालांकि वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं जीता सके, मगर उनके पुत्र ने जीत हासिल की।

सुजानगढ़ पंस. में 61 साल में पहली बार कांग्रेस का गढ़ ढहा

पंचायत समिति सदस्यों के परिणाम सुजानगढ़ के इतिहास में पहली बार चौंकाने वाले आए। सुजानगढ़ पंचायत समिति में कांग्रेस का गढ़ ढह गया। 61 साल में पहली बार भाजपा प्रधान बनाने जा रही है। 25 सीटों में 10 सीटों पर ही कांग्रेस प्रत्याशी जीते। इसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल की पत्नी केशरदेवी निर्विराेध निर्वाचित हो गई थी।

मंगलवार को हुई मतगणना में 9 सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी विजेता रहे, वहीं दो निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी। खास संयोग ये भी रहा है कि अब तक सुजानगढ़ में वर्ष 1959 से लेकर 2020 तक 13 प्रधान बने, जबकि इस बार परिणाम में 13 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी विजेता रहे। अब 14वां प्रधान भाजपा का बनने की संभावना है।
कांग्रेस के हारने के तीन बड़े कारण

  • मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद कार्यकर्ताओं में अंदरूनी आपसी फूट-मनमुटाव व जमीनी कार्यकर्ताओं की नाराजगी। मंत्री की कमी खली।
  • कांग्रेस के धरातल के कार्यकर्ताओं के आरोप के अनुसार टिकट वितरण के मामले में वेल्यू नहीं मिलना। इससे उनमें नाराजगी थी।
  • मंत्री मेघवाल व बेटी पूर्व जिला प्रमुख बनारसी मेघवाल के निधन के बाद कांग्रेस अस्त-व्यस्त रही। कांग्रेस को समय नहीं मिल पाया, गांवों में पूरी तरह से पकड़ नहीं हो पाई, भाजपा ने पूरी प्लानिंग के साथ प्रचार कर पकड़ बना ली।

जिले में भाजपा के 2 विधायक दोनों जगह पंस. में बहुमत नहीं

जिले में भाजपा के दो विधायक चूरू व रतनगढ़ में हैं और इस बार पंचायत समिति में दोनों ही जगह भाजपा को बहुमत नहीं मिला है, जबकि पिछली बार यहां भाजपा का प्रधान रहे।

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