झाड़ियों में मिली 2 घंटे की नवजात:बिलखती रही मासूम, एएनएम ने बचाई जान, बाल कल्याण समिति ने दिए परिजनों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश

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कपड़े में लिपटी नवजात बालिका। - Dainik Bhaskar
कपड़े में लिपटी नवजात बालिका।

चूरू टाइम्स,चितौड़गढ़। जिस मां ने अपने बच्चे को नौ महीने तक कोख में रखा और फिर उसी बच्चे को मरने के लिए झाड़ियों में फेंक दिया। ऐसा एक मामला जिले के निम्बाहेड़ा क्षेत्र के गांव ढोरिया में देखने को मिला। ढोरिया के उप स्वास्थ्य केंद्र के पीछे एक नवजात बालिका झाड़ियों में पड़ी मिली।

एएनएम करिश्मा कंवर ने सुबह जब बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो उप स्वास्थ्य केंद्र के पीछे जाकर देखा। बच्ची कपड़े में लिपटी हुई झाड़ियों में पड़ी थी। एएनएम बच्ची को उठा कर लाई और तुरंत पीएचसी इंचार्ज, सरपंच और पुलिस को इसकी सूचना दी। बच्ची स्वस्थ है और जिला चिकित्सालय के एनआईसीयू में भर्ती है।

करिश्मा कंवर ने बताया कि बच्ची को उसे तुरंत उठाकर अंदर लाई और बच्चे की नाल को काटा। बच्ची लगभग 2 से 3 घंटे की रही होगी। पीएचसी इंचार्ज दीपेंद्र, सरपंच रमेश धाकड़ और पुलिस को सूचना दी। मौके पर सदर थाना पुलिस पहुंची और नवजात को निंबाहेड़ा चिकित्सालय लेकर गए। नवजात का वजन लगभग ढाई किलो का है।

मां और परिजनों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश दशोरा ने बताया कि निंबाहेड़ा सदर थाना पुलिस ने बच्ची का मेडिकल करवा कर उसकी रिपोर्ट तैयार की और एंबुलेंस की सहायता से उसे जिला चिकित्सालय रैफर किया। जिला चिकित्सालय के एनआईसीयू में बच्चे को रखा गया है।

अध्यक्ष दशोरा ने बताया कि बच्ची के शरीर में साधारण से चोटें आई हैं इसलिए उसे कुछ दिनों तक एनआईसीय में ही रखा जाएगा ताकि डॉक्टर उसका पूर्ण उपचार कर सके। उसके पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही उसे शिशु गृह में लिया जाएगा। यह पूरी तरह से असुरक्षित परित्याग था इसलिए इसकी मां और परिजनों के खिलाफ सदर थाना निंबाहेड़ा को मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

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