Khalistani flag hoisted for the third time in 9 days in Moga, police not arresting mastermind of first incident | मोगा में 9 दिन में तीसरी बार फहराया खालिस्तानी झंडा, पहली घटना के मास्टरमाइंड को पुलिस नहीं कर रही गिरफ्तार

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मोगा15 दिन पहले

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मोगा में कोटकपूरा बाईपास के पास रेलवे ओवरब्रिज पर फहराया गया खालिस्तानी झंडा।

  • रविवार को कोटकपूरा बाईपास पर रेलवे ओवरब्रिज पर की गई शरारत, पता चलते ही झंडे को उतार साथ ले गई पुलिस
  • पुलिस अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है 14 अगस्त को डीसी ऑफिस पर तिरंगे के अपमान की घटना का मास्टरमाइंड
  • वीडियो तैयार करने के आरोप में आईटीआई स्टूडेंट की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का दावा झूठा, सरेंडर किया था आरोपी ने

मोगा में रविवार को एक बार फिर खालिस्तानी झंडा फहराए जाने की घटना सामने आई है। पता चलते पुलिस मौके पर पहुंची और इस झंडे को उतार ले गई। पिछले नौ दिन में झंडा फहराने की यह तीसरी घटना है। हालांकि भी तक पुलिस आजादी दिवस से ठीक पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफिस पर खालिस्तानी झंडा फहराने की घटना के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वह भी तब, जबकि आरोपी एक पुलिस वाले का बेटा है।

ओवरब्रिज से उतारे जाने के बाद ली गई विवादित केसरी झंडे की तस्वीर।

ओवरब्रिज से उतारे जाने के बाद ली गई विवादित केसरी झंडे की तस्वीर।

रविवार की घटना शहर के कोटकपूरा बाईपास की है। रेलवे ओवरब्रिज पर किसी शरारती तत्व ने खालिस्तानी झंडा फहरा दिया। झंडे पर कढ़ाई करके खंडा बनाया हुआ था और साथ ही खालिस्तान जिंदाबाद भी लिखा गया था। इसके बाद जैसे ही यह मामला डीएसपी के ध्यान में आया, पुलिस टीम मौके पर पहुंची। विवादित झंडे को उतारने के बाद पुलिस अपने साथ ले गई। दूसरी ओर देखा जाए तो पिछले 9 दिन में मोगा में यह तीसरी घटना है। आजादी दिवस से एक दिन पहले भी मिनी सचिवालय की चौथी मंजिल पर खालिस्तानी झंडा फहराने के साथ-साथ राष्ट्रध्वज का अपमान किया गया था। इसके बाद लाला लाजपत राय के पैतृक गांव ढूडीके में भी खालिस्तानी झंडा फहराया गया था।

पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें से गांव रौली के जसपाल और इंद्रजीत सिंह पर तिरंगे का अपमान करने और वहां खालिस्तानी झंडा फहराने का आरोप है तो फिरोजपुर के गांव साधूवाला के रहने वाले आकाशदीप पर इसका वीडियो बनाने का आरोप है। पुलिस की मानें तो आकाशदीप को 6 दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन दो आरोपी अभी भी फरार हैं। इनमें से एक के पुलिस अधिकारी का बेटा होने के चलते गिरफ्तारी नहीं होने की बातें उठ रही हैं। दूसरी ओर सूत्र बताते हैं कि आकाशदीप को भी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया। उसने आत्मसमर्पण किया था।

इस बारे में बात करने पर डीएसपी डी जंगजीत सिंह का कहना है कि पुलिस की तरफ से किसी भी तरह की ढील नहीं बरती जा रही। टीमें लगातार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही हैं।

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