REET पेपर लीक में नया खुलासा

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REET पेपर लीक में नया खुलासा:JEN पृथ्वी मीना ने भजनलाल से 40 लाख में की थी डील, कॉन्स्टेबल भर्ती में भी पकड़ा गया, 40 से ज्यादा को बेचा पेपर

पुलिस गिरफ्त में बत्तीलाल और पृथ्वीराज। - Dainik Bhaskar
पुलिस गिरफ्त में बत्तीलाल और पृथ्वीराज।

चूरू टाइम्स,जयपुर। REET पेपर लीक में एक नया खुलासा हुआ है। इसका मास्टरमाइंड भजनलाल बिश्नोई निकला है। वह परीक्षा भर्ती में नकल कराने वाले कई गैंग से जुड़ा है। भजनलाल 3 साल पहले भी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट के रूप में परीक्षा देते पकड़ा जा चुका है। इसका खुलासा रिमांड पर चल रहे पृथ्वीराज मीणा ने किया है। इसके बाद एसओजी अब भजनलाल की तलाश में जुट गई है। हालांकि अभी भी बड़ा सवाल है कि पेपर कैसे लीक कराया गया। जांच में सामने आया है कि रीट भर्ती परीक्षा का पेपर बाड़मेर व जालोर से ही आया था।

एसओजी एडीजी अशोक कुमार राठौड़ ने बताया कि बुधवार को करौली को रहने वाले अमित कुमार मीना को गिरफ्तार किया है। वह फिलहाल हाउसिंग बोर्ड कालोनी सवाईमाधोपुर में रहता था। अब तक पूरे प्रकरण में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी ने पृथ्वीराज मीना, रवि कुमार मीना उर्फ रवि पागड़ी, रवि मीना, शिवदास मीना, बत्तीलाल मीना को 17 अक्टूबर तक रिमांड पर ले रखा है। पृथ्वी मीना व रवि पागड़ी की सूचना पर पेपर की एवज में आए 12.22 लाख रुपए बरामद किए हैं।

एसओजी की जांच में पृथ्वीराज मीना ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पृथ्वीराज ने बताया कि उसने भजनलाल से ही पेपर लिया था। बाड़मेर में पोस्टिंग के दौरान उसकी पहचान भजनलाल से हुई थी। भजनलाल नकल पश्चिमी राजस्थान में बड़े नकल गिरोह से जुड़ा हुआ है। परीक्षा से आठ दिन पहले भजनलाल ने उसे वॉट्सऐप कॉल किया था। उसे पेपर देने के लिए 40 लाख रूपए की डिमांड की थी। एक दिन पहले सुबह पेपर मिल गया था। उसने बत्तीलाल, रवि मीना, रवि पागड़ी से पेपर मिलने की बात कही। 5 से 12 लाख रुपए में डील कर पेपर परीक्षार्थियों को बेचा था।

50 से ज्यादा परीक्षार्थियों को पेपर बेचा
पृथ्वीराज टोंक में जेईएन के पद पर कार्यरत था। उसने पहले पेपर टोंक के ही एक स्कूल में 12-12 लाख रुपए में 18 से ज्यादा परीक्षार्थियों को बेचा था। उन्होंने भी आगे कई सहयोगियों को पेपर दिया था। वहीं बत्तीलाल व रवि मीना ने मिलकर सवाई माधोपुर व गंगापुर सिटी में 14 लोगों को पेपर बेचा था। पेपर 3 से 12 लाख रुपए में बेचा गया था। पेपर कहां और किन-किन लोगों को बेचा गया था। एसओजी कड़ी से कड़ी जोड़ कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

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